जानिए क्यों राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को कह दिया था सांप

पिछली शताब्दी में 80 का दशक राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन की गहरी दोस्ती का गवाह बना था। एक ऐसा समय था जब अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी एक दूसरे के सबसे करीबी मित्र माने जाते थे लेकिन आज यह मित्रता बिल्कुल समाप्त हो चुकी है दोनों परिवारों में बिल्कुल भी बातचीत नहीं होती। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह राजीव गांधी ही थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन को राजनीति में आने के लिए जोर दिया था।

वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सांसद संतोष भारतीय ने ‘वीपी सिंह, चंद्रशेखर, सोनिया गांधी और मैं’ नाम से एक किताब लिखी है। इस किताब के जरिए संतोष भारतीय जी ने अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी के बीच आई दोस्ती में दरार की वजह को पाठकों के सामने रखने का प्रयास किया है। किताब के मुताबिक राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन के बीच दुश्मनी ऐसी बढ़ गई थी कि राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को सांप तक कह डाला था।

विश्वनाथ प्रताप सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन की दोस्ती में खटास आ गई थी। किताब के मुताबिक जब राजीव गांधी विपक्ष के नेता थे तब एक दिन अभिताभ बच्चन उनसे मिलने आए थे और मुलाकात के बाद जब अमिताभ बच्चन वहां से चले गए तब राजीव गांधी ने “ही इज ए स्नेक” कहकर उन को संबोधित किया था वहां पर तत्कालीन मशहूर पत्रकार राजीव शुक्ला भी मौजूद थे।

आपको जानकर हैरानी होगी राजीव गांधी की मृत्यु के बाद विदेश में पढ़ रहे राहुल गांधी की स्कूली शिक्षा को लेकर सोनिया गांधी ने अमिताभ बच्चन से मदद मांगी थी, लेकिन अमिताभ बच्चन ने बहाना बनाकर सोनिया गांधी से अपना किनारा कर लिया था। सोनिया गांधी ने अमिताभ बच्चन के साथ ही साथ राजीव गांधी के और भी करीबियों पर उनको धोखा देने के आरोप लगाए थे।

कई अहम सियासी घटनाओं का जिक्र

इस किताब में 1987 के वह वाक्या भी मौजूद है जो काफी समय तक अखबारों की सुर्खियां बना रहा था। राजीव गांधी ने विश्वनाथ प्रताप सिंह को वित्त मंत्री पद से हटाकर रक्षा मंत्रालय सौंप दिया था और ऐसा करने की वजह जंग के हालात बताई थी जबकि उस समय दूर-दूर तक भारत और पाकिस्तान के बीच जंग के हालात नहीं बने थे। ऐसा माना जाता है कि अमिताभ बच्चन के कहने पर राजीव गांधी ने ऐसा किया था।

राजीव गांधी की सरकार में विश्वनाथ प्रताप सिंह उस समय के सबसे प्रभावशाली वित्त मंत्री माने जाते थे जो अपने निर्णयों के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का हर संभव प्रयास कर रहे थे ,लेकिन कुछ उद्योगपति उनके इस निर्णय से खुश नहीं थे लेकिन वह सीधे जाकर विश्वनाथ प्रताप सिंह या राजीव गांधी से जाकर मुलाकात नहीं कर सकते थे। इसलिए उन्होंने राजीव गांधी के करीबी अमिताभ बच्चन से अपनी करीबी बढ़ाना शुरू कर दी और अमिताभ बच्चन उनकी सिफारिश लेकर राजीव गांधी के पास जाने लगे।

राजीव गांधी भी काफी समय से विश्वनाथ प्रताप सिंह की कार्यशैली को बदलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बी पी सिंह को उनके कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता राजीव गांधी ने स्वयं ही दे रखी थी। जब राजीव गांधी म्यांमार में छुट्टियां मनाने गए थे तब अमिताभ बच्चन भी वहां पर आ पहुंचे थे और तब उन्होंने इस मुद्दे पर बातचीत की थी और राजीव गांधी ने उनसे प्रभावित होकर विश्वनाथ प्रताप सिंह को उनके वित्त मंत्री के पद से हटा दिया था।

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